मुंबई /रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami Chat) के लीक हुए व्हाट्सऐप चैट्स ने उनके असली चेहरे को बेनकाब कर दिया है। अर्नब गोस्वामी की लीक हुई चैट से पता चलता है कि कैसे उन्होंने अपने चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन को भी नहीं बख्शा। जेटली के निधन को रिपब्लिक भारत हिंदी में एक बड़ी जीत के रूप में ‘जश्न’ मनाया गया। राजनीतिक हस्तियों और कई जानी-मानी शख्सियतों ने गोस्वामी के इस रुख को उनकी ‘गिद्ध पत्रकारिता’ बताया है।

अर्नब गोस्वामी और ब्राडकॉस्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थो दासगुप्ता के साथ व्हाट्सऐप चैट से उनकी ‘गिद्ध पत्रकारिता’ का पर्दाफाश हो गया है। बार्क के चीफ एग्जीक्यूटिव पार्थो दासगुप्ता के बीच चैट्स टाइम्स नाउ के हाथ लगे हैं।

सवालों के घेरे में अर्नब गोस्वामी
दासगुप्ता और गोस्वामी के बीच हुई बातचीत का यह खुलासा मुंबई पुलिस ने किया है। इसके बाद से रिपब्लिक भारत के एडिटर इन चीफ सवालों के घेरे में आ गए हैं। गोस्वामी के चैट्स सामने आने के बाद उन पर अपने चैनल को टीआरपी का फायदा पहुंचाने के लिए पत्रकारिता की नैतिकता को ताक पर रखने के आरोप लगने शुरू हो गए हैं।

एक हजार पेज की व्हाट्सऐप चैट्स वायरल
मुंबई पुलिस ने गत 24 दिसंबर को दासगुप्ता को गिरफ्तार किया। रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी से सीधे तौर पर जुड़ी करीब एक हजार पेज की व्हाट्सऐप चैट्स पिछले दो दिनों में सोशल मीडिया में वायरल हुई हैं। पर यदि मुंबई क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों पर भरोसा करें, तो आने वाने महीनों में ऐसी हजारों और चैट्स कोर्ट में बतौर एविडेंस सौंपी जाएंगी।

एक अधिकारी के अनुसार, हमने इस केस में अभी तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया है और दो किस्तों में उन पर गत नवंबर और अब जनवरी में चार्जशीट दायर की है। लीक हुई वॉट्सऐप चैट्स उन्हीं चार्जशीट का हिस्सा हैं। लेकिन हमारे केस में अभी भी रिपब्लिक टीवी से ही जुड़े करीब आधा दर्जन लोग वॉन्टेड हैं। जब हम इन सबको गिरफ्तार करेंगे और उनके खिलाफ कोर्ट में सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेंगे, तो बतौर सबूत बहुत से डिजिटल कागजात कोर्ट में जमा करेंगे। उनमें इन वॉन्टेड आरोपियों की वॉट्सऐप चैट्स भी होंगी।

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