डॉ. नवीन जोशी

भोपाल।प्रदेश में दूरसंचार सेवाओं के लिये कंपनियों को अब एमपी टावर एप पर जाकर ऑनलाईन आवेदन करना होगा और 45 दिन में आवेदन का निराकरण न करने पर कंपनियों को स्वमेव लायसेंस यानि डीम्ड अनुमति मिल जायेगी।
यह नया प्रावधान शिवराज सरकार ने पिछली कमलनाथ सरकार द्वारा 23 फरवरी 2019 को जारी मप्र दूरसंचार सेवा/इंटरनेट सेवा/अवसंरचना प्रदाताओं द्वारा वायर लाइन एवं वायरलेस आधारित वाइस एवं डाटा पहुंच सेवायें उपलब्ध कराने के लिये अवरसंरचना की स्थापना को सुगम बनाने हेतु जारी नीति में संशोधन कर किया गया है।
17 सितम्बर 2019 में इस नीति में संशोधन कर प्रावधान किया गया था कि लायसेंसिंग अथारिटी आवेदन प्राप्ति के 60 दिनों के अंदर मामले का निराकरण करने के स्थान पर सामान्यत: 30 दिन एवं अधिकतम 45 दिनों में निराकरण करेगा। अब नया प्रावधान किया गया है कि इस अधिकतम 45 दिन में मामले का निराकरण न होने पर आवेदक कंपनी को डीम्ड अनुज्ञप्ति मिल जायेगी तथा डीम्ड अनुज्ञप्ति जारी किये जाने के लिये एमपी टवर एप अधिकृत पोर्टल होगा।

ज्वाईंट डायरेक्टर भी बन सकेंगे वेटनरी डायरेक्टर

भोपाल।अब ज्वाईंट डायरेक्टर भी वेटनरी डायरेक्टर बन सकेंगे। इसके लिये राज्य सरकार ने 24 साल पहले बने मप्र पशु चिकित्सा सेवा राजपत्रित भर्ती नियम 1996 में बदलाव कर दिया है।
पहले एडिशनल डायरेक्टर को ही डायरेक्टर बनाये जाने का प्रावधान था परन्तु वेटनरी डायरेक्टोरेट में वर्तमान में कोई भी एडिशनल डायरेक्टर नहीं है तथा सात ज्वाईंट डायरेक्टर कार्यरत हैं।
यह है नया प्रावधान :
यदि एडिशनल डायरेक्टर उपलब्ध है तो दो वर्ष की सेवा का अनुभव रखने पर डायरेक्टर बन सकेगा। यदि नहीं है, तो 5 वर्ष की सेवा का अनुभव रखने वाला ज्वाईंट डायरेक्टर संचालक बन सकेगा।
इसलिये किया प्रावधान :
वर्तमान वटनरी डायरेक्टर डा. आरके रोकडे आगामी जून माह में रिटायर होने वाले हैं। उनके स्थान पर नया डायरेक्टर नियुक्त किया जाना है। विभाग में एडिशनल डायरेक्टर पदस्थ ही नहीं है। इसीलिये ज्वाईंट डायरेक्टर से संचालक पद भरने का नया प्रावधान कर दिया गया है।
डॉ. नवीन जोशी

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