इंदौर। पिछले दिनों उद्घाटित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी कल से कोरोना मरीजों की भर्ती शुरू की जाएगी। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन आधे से ज्यादा मरीज होम आइसोलेशन में उपचार करवा रहे हैं, वहीं 60 से 70 पुराने मरीजों की छुट्टी भी हो रही है। इसके चलते अभी भी 1 हजार से अधिक बेड कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध हैं।

आईसीयू की थोड़ी परेशानी जरूर चल रही है। वह भी इसलिए, क्योंकि जिन अस्पतालों में आईसीयू उपलब्ध हैं वहां पर मरीज भर्ती होना नहीं चाहते। प्रशासन ने निजी अस्पताल संचालकों की कल भी बैठक ली, जिसमें आईसीयू बेड बढ़ाने पर निर्णय लिए गए। लिहाजा 90 से अधिक आईसीयू बेड निजी अस्पतालों में और उपलब्ध हो जाएंगे। अभी कई जगह डॉक्टर और स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने के कारण भी कुछ परेशानी आ रही है।
बीते एक पखवाड़े से 200 और उससे अधिक मरीज औसतन मिल रहे हैं, जिसके कारण अस्पतालों में एकाएक बेड भरने लगे। कल भी 250 नए मरीज मिल गए, लेकिन दूसरी तरफ सवा सौ मरीज डिस्चार्ज भी किए गए। वहीं अभी 60–70 प्रतिशत ए सिम्टोमेटिक मरीज होम आइसोलेशन में ही इलाज करवा रहे हैं, यानी उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है। अभी हालांकि लगभग 3700 कोरोना मरीज उपचाररत हैं, लेकिन इनमें से 1300 से ज्यादा होम आइसोलेशन में हैं। कल से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भी कोरोना मरीजों की भर्ती शुरू होगी। वहीं शासन ने अरबिन्दो अस्पताल से 1092 बेड का अनुबंध कर रखा है, जिनमें से आज सुबह 750 बेड खाली बताए गए हैं। इसी तरह दूसरे इंडेक्स हॉस्पिटल से शासन ने 300 बेड का अनुबंध कर रखा है। वहां पर 225 बेड भरे हुए और 75 खाली बताए गए हैं। इसी तरह ए सिम्टोमेटिक पॉजिटिव मरीजों के लिए सेवाकुंज में 150, खंडवा रोड स्थित शुभदीप में 50 और धार रोड स्थित जगतगुरु दत्तात्रेय में भी 50, वहीं एमटीएच में 150 और एमआरटीबी में 20 से अधिक बेड उपलब्ध हैं। हालांकि एमआरटीबी और एमटीएच में इंदौर के बजाय आसपास से आने वाले मरीजों को अधिक भर्ती किया जाता है। वहीं 20 से ज्यादा आईसीयू अभी उपलब्ध हैं। वहीं वर्मा यूनियन, एसएनजी ग्लोबल, मयूर, गोकुलदास जैसे अस्पतालों में भी आईसीयू बेड तो उपलब्ध हैं, मगर यहां पर कम मरीज भर्ती होना चाहते हैं। ज्यादातर मरीजों की मांग अरबिन्दो, उसके बाद इंडेक्स और जो मरीज राशि का भुगतान कर सकते हैं वे चोइथराम और अन्य कोविड चिह्नित अस्पतालों में अपना इलाज करवाना चाहते हैं। कल भी कलेक्टर मनीषसिंह ने कोविड चिह्नित निजी अस्पतालों की बैठक ली, जिसमें आईसीयू बेड बढ़ाने के निर्देश दिए गए। 90 से अधिक आईसीयू बेड इन निजी अस्पतालों में और अगले दो-तीन दिनों में उपलब्ध हो जाएंगे। पिछले दिनों प्रशासन ने 27 चिह्नित निजी अस्पतालों में 15 के बजाय 30 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित भी करवाए थे। वहीं अब सिनर्जी जैसे निजी अस्पताल ने तो लगभग अपने सभी बेड कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध करवा दिए हैं। कलेक्टर का भी स्पष्ट कहना है कि बेड की कोई कमी नहीं है। इनकी उपलब्धता पर्याप्त संख्या में है, लिहाजा अधिक घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अभी रोजाना जितने कोरोना मरीज मिल रहे हैं उसकी तुलना में लगभग आधे मरीजों की छुट्टी तो हो ही रही है, वहीं कई मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं।

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