कन्नौद। रेत का अवैध परिवहन बंद नहीं हो रहा हैं। एक बडी कार्यवाही करते हुए स्थानिय प्रशासन के अमले ने डंफरों को पकडा जिसमें क्षमता से अधिक मात्रा में रेत का परिवहन किया जा रहा था। ये ओवरलोड रेत के वाहन हादसों का कारण भी बनते है। कई दुर्घटनाएं ओवरलोड रेत के डंफरों के कारण हुई हैं। इंदौर-नेमावर मार्ग तो इसके लिए कुख्यात हैं, जहां ओवरलोड रेत के डंफरों ने कितनों को ही अपनी चपेट में ले लिया। 16 दिसंबर को तहसील कन्नौद में अनुविभागीय अधिकारी प्रवीण प्रजापति के मार्गदर्शन में तहसीलदार कन्नौद अंजलि गुप्ता, नायब तहसीलदार कन्नौद राकेश यादव एवं अन्य राजस्व अमले द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए 10 डंपर को जब्त किया गया। सभी डंपर में क्षमता से कई गुना अधिक रेत का परिवहन किया जा रहा था। तहसीलदार द्वारा बताया गया कि आगे भी नियम विरुद्ध अवैध खनन व परिवहन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही जारी रहेगी। रेत से भरे डंफर नेमावर व आसपास के गांवों में नर्मदा नदी से रेत भरकर निकलते हैं। ये डंफर पहले से ही ओवरलोड होतें है उसके बाद ये जल्दी में होते हैं ताकि समय पर एक ओर फेरा लग जाए। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के आदेश पर नर्मदा के उन रास्तों को कटवा दिया था, जहां जाकर रेत भरी जाती थी। रेत निकालने वालों ने फिर से उन रास्तों को तैयार कर लिया। अगर प्रशासन लगातार कार्यवाही करे तो रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लग सकती है।
