प्रदेशवार्ता. महाराष्ट्र के मालेगांव में राजेंद्र शालिंदर जाधव की मौत 23 फरवरी 2024 को बीमारी से हुई। कुछ बीमा एजेंट्स ने मृतक की पत्नी अरुणा जाधव से संपर्क किया। उन्हें करोड़पति बनने के सपने दिखाए।
प्लान के अनुसार, मर चुके राजेंद्र शालिंदर को जिंदा दिखाकर 6.12 करोड़ रुपए की कुल 8 बीमा पॉलिसी करवाई गईं। फिर मौत के 1 साल बाद 19 अप्रैल 2025 को एक एक्सीडेंट दिखाया गया। थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई कि ब्लैक थार ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें शालिंदर जाधव मर गए। 4 पुलिसकर्मियों ने झूठी FIR करने के पैसे लिए।
फिर डॉक्टरों से संपर्क किया गया। उन्होंने बिना मौत और बिना लाश के ही कागजों में उसका पोस्टमार्टम दिखा दिया और झूठी मेडिकल रिपोर्ट बना दी। 4 डॉक्टरों ने भी इस काम के पैसे लिए।
एक बीमा कंपनी ने इन सभी रिपोर्ट पर 10 लाख रुपए का पेमेंट कर दिया। 50 लाख रुपए दूसरी कंपनी से मिलने ही वाले थे। तीसरी बीमा कंपनी ने जब घर का सर्वे किया तो उन्हें कमरे में शालिंदर जाधव की तस्वीर टंगी मिली। इसके नीचे मरने की तारीख ओरिजनल वाली 23 फरवरी 2024 लिखी हुई थी। यहीं से मामला गड़बड़ा गया।
100 करोड़ रूपये से ज्यादा के ऐसे ही घोटाले की जांच कर रहीं UP की IPS ऑफिसर अनुकृति शर्मा (@ipsanukriti14) के पास ये केस भी आया। उन्होंने बारीकी से जांच की तो सच्चाई खुल गई। पूरी जांच रिपोर्ट जलगांव (महाराष्ट्र) के SP को भेजी गई। अब इस मामले में जलगांव पुलिस ने कुल 9 आरोपी पकड़े हैं।
अरुणा जाधव, मृतक की पत्नी
मिथुन जाधव, मृतक का भाई
डॉक्टर मंदार कालवेकर
महेंद्र पाटिल, पुलिसकर्मी
रविंद्र बत्तीशे, पुलिसकर्मी
सचिन निकम, पुलिसकर्मी
सुनील निकम, पुलिसकर्मी
प्रवीण पाटिल, बीमा एजेंट
प्रेम पाटिल, बीमा एजेंट


