प्रदेशवार्ता. महिला सरपंच और सचिव घपले में फंस गए हैं. भौतिक सत्यापन हुआ तो कई काम शुरू भी नहीं हुए लेकिन पैसा पूरा निकाल लिया गया. ग्रामीणों की शिकायत पर जांच बैठी तो घपला सामने आ गया. पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया हैं. महिला सरपंच को अब पद से कभी भी हटाया जा सकता हैं, वहीं सचिव को भी सरकारी पैसा जेब से चुकाना पडेगा.
मप्र के बडवानी में महिला सरपंच, उसके पति और पंचायत सचिव ने मिलकर 85 लाख का गबन किया. पूरा मामला जनपद पंचायत पाटी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सेमलेट का हैं. सेमलेट की महिला सरपंच सादियाबाई व अन्य ने मिलकर फर्जी बिल बनाकर निर्माण कार्य राशि का गबन किया. ग्रामीणों ने शिकायत जनसुनवाई में कर दी. इसके बाद जिला पंचायत सीईओ काजल जावला ने जांच बैठा दी. निर्माण कार्यों में गडबडी की जांच ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं लेखा अधिकारी जिला पंचायत ने की. इन्होंने पाया की जिस काम के लिए राशि आहरण की गई वो मौके पर मौजूद ही नहीं थे. जो काम हुए वे गुणवत्ताविहीन थे.
पुलिस ने इनके विरुद्ध बीएनएस की धारा 318 (2) 318 (3) 316(5) 336 (2) 336 (3) 340 (2) और 61( 2 ) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
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