Sunday, July 12th, 2026 | 1:01 AM

चांद दिखा.. अजमेर में उर्स शुरू.. कलंदरों का निकला जुलूस… किसी ने जुबान में नुकिली लोहे की छड घुसा ली.. तो किसी ने बाहर निकाली आंख की पुतलियां..

by Amjad Shaikh


प्रदेशवार्ता. अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स की शुरूआत चांद दिखते ही हो गई. रजब का चांद बुधवार शाम को दिखाई दिया. बुधवार को सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती 813वें उर्स का पैगाम देश के विभिन्न हिस्सों में देते रहे कलंदर अजमेर पहुंचे और छड़ियों के जुलूस के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए दरगाह पहुंचे। जहां उन्होंने छड़ियां पेश कर मुल्क में अमन चैन व भाईचारे की दुआएं मांगी। दिल्ली के महरौली स्थित कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की दरगाह से छड़ियां लेकर पैदल रवाना हुए इन कलंदरों मलंगों ने गरीब नवाज के उर्स के पैगाम देने वाले परचम अर्थात छड़ियां हाथ में ली हुई थीं। कलंदरों का झुलूस गंज स्थित चिल्ले से शुरू हुआ। जुलूस में कलंदर हैरतअंगेज करतब दिखाते हुए दरगाह पहुंचें। छड़ियों के साथ निकलने वाले जुलूस में मलंग कलंदर हैरतअंगेज करतब पेश करते हुए चल रहे थे। यहां इन्होंने हैरतअंगेज करतब दिखाए। किसी ने जुबान में नुकिली लोहे की छड़ घुसा ली तो किसी ने गर्दन के आर-पार छड़ निकाल दी। एक कलंदर ने तो तलवार से आंख की पुतलियां बाहर निकाल दी। उर्स में कलंदरों ने चाबुक से शरीर पर चोट पहुंचाने जैसे करतब दिखाए। कलंदर व मलंग के ऐसे हैरतअंगेज नजारे देखकर हर कोई आश्चर्य चकित था। कलंदरों का जगह जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। गंज, देहली गेट, धानमंडी, दरगाह बाजार होते हुए यह जुलूस रोशनी के वक्त से पूर्व दरगाह पहुंचा। दरगाह के निजाम गेट पर खुद्दाम ख्वाजा की ओर से कलंदरों मलंगों का स्वागत किया गया। इसके बाद कलंदरों ने अपनी छड़ियां दरगाह में पेश की और मुल्क में अमन चैन व भाईचारे की दुआ मांगी। दिल्ली से पैदल चलकर आए कलंदर ने बताया कि ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना उर्स पर हर साल पैदल चलकर छड़ियां लेकर अजमेर पहुंचते हैं और गरीब नवाज के सालाना उर्स में हाजिरी लगाते हैं।

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