Wednesday, September 23rd, 2026 | 7:32 PM

देवास से करते थे सायबर ठगी, देशभर के लोगों को ठगा, किराए की सीम, खातों से करते थे फ्राड

by Irfan Ali


  • देवास।  देवास जिले में सायबर ठगी का रैकेट चल रहा था. जिले के अलग.अलग स्थानों से सायबर ठगी के कॉल सेंटर ऑपरेट किए जा रहे थे. ठगी के लिए किराए की सीम व खातों का उपयोग किया जाता था. गिरोह के सात आरोपी गिरफ्तार किए गए.
    राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा “ऑपरेशन FAST (Forged-Activated-SIM-Termination)” के अंतर्गत पूरे प्रदेश में एक साथ सायबर ठगी मे प्रयुक्त सिम कार्ड धारकों, विक्रेताओं और एजेंट्स के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है. इस अभियान का उद्देश्य सायबर ठगी जैसे अपराधों में प्रयुक्त हो रहे सिम कार्ड और उनसे जुड़े अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करना है ।
    उक्त अभियान के तहत देवास जिले से संबंधित 06 सायबर अपराध शिकायतों की जांच हेतु पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के द्वारा निर्देशित किया गया. जिस पर से नगर पुलिस अधीक्षक देवास सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र अमित सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। विशेष टीम के द्वारा सायबर सेल भोपाल से प्राप्त शिकायतों और दस्तावेजों के आधार पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की गई। उक्त नंबरों से जुड़े उपभोक्ता के विश्लेषण में सामने आया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गिरोह के सदस्यो के द्वारा स्वयं व अन्य लोगो के नाम से सीम खरीद कर उक्त सीमोंं के माध्यम से अलग अलग तरह से आम जनता से सायबर फ्राड के द्वारा ठगी की घटना को अंजाम देते थे.
    • आरोपी अजय परमार से पूछताछ पर बताया की उसने अपने नाम से कुल 06 सीम कार्डों को प्रयोग कर आम भोले-भाले लोगो को लोन दिलाने के नाम पर सायबर फ्रॉड किया गया है ।
    • आरोपी नितिन बगानिया से पूछताछ पर बताया की उसने अपने नाम की 02 सीम कार्ड व अन्य लोगों की सीम कार्ड आगे अपने साथी विशाल को सीम सप्लाय की थी व विशाल ने राजकुमार को सप्लाय की थी। राजकुमार से पूछताछ करने पर पाया गया की उसने अपने गिरोह के माध्यम से आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आम लोगो को विश्वास मे लेकर उनसे सायबर फ्राड किया गया है.
    • आरोपी अजय बागवान ने बताया की उसने स्वयं के नाम से 05-06 सीम कार्ड व अन्य लोगों की सीम कार्ड अपने साथी अभिषेक कुमावत को दी थी व अभिषेक ने अपने साथी अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्ट्रग्राम पर फर्जी आई .डी. बनाकर सस्ते दामो में मोबाइल व लेपटाप बेचने का बोलकर भोले भाले लोगो को झांसे मे लेकर उनके साथ सायबर फ्रॉड किया है।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गिरोह द्वारा देश के अलग-अलग स्थानो से लोगों के साथ विभिन्न प्रकार से सायबर ठगी की घटना को अंजाम देकर अभी तक ज्ञात कुल 06 घटनाओं मे लगभग 10 लाख रुपए की ठगी की गई है. आरोपियों को रिमाण्ड पर लेकर अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। उक्त गिरोह से पहले भी दिल्ली सायबर क्राइम के द्वारा 398 सीम कार्ड अलग-अलग कम्पनियों की जब्त की जा चुकी है जिस संबंध मे थाना आई. जी. आई एयरपोर्ट दिल्ली मे वर्ष 2025 में अपराध पंजीबध्द किया गया था. प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना औघोगिक क्षेत्र पर उक्त गिरोह के विरूद्ध धारा 318(4) बीएनएस 66(ग) आईटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त मोबाइल फोन,सीम कार्ड व अन्य दस्तावेज जप्त किये गये। अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाकर उक्त सायबर फ्रॉड में संलिप्त अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है ।
    गिरफ्तार आरोपी :—
  1. अजय पिता रामप्रसाद परमार उम्र 35 वर्ष निवासी 105 अमृत पार्क मल्हार रोड देवास
  2. अजय पिता बन्नूलाल बागवान उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन
  3. नितिन पिता विष्णु प्रसाद बामनिया उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ जिला देवास
  4. अभिषेक पिता कमल कुमावत उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन
  5. विशाल पिता मेहरबान सिंह गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ जिला देवास
  6. राजकुमार उर्फ छोटू पिता नर्बत सिंह गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ जिला देवास
  7. अंकित पिता संतोष कुमावत उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना जिला उज्जैन

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