Friday, July 17th, 2026 | 5:05 PM

दोस्त के शैक्षणिक दस्तावेजों ने बना दिया एमबीबीएस डाक्टर, जिसका नाम इस्तेमाल किया वो करता है पेंटर का काम

by Amjad Shaikh

प्रदेशवार्ता. एक व्यक्ति एमबीबीएस करके डाक्टर तो बना लेकिन दसवीं, बारहवीं और जाति प्रमाणपत्र दोस्त के थे. जिस दोस्त के शैक्षणिक दस्तावेजों से एमबीबीएस किया, वो खुद खराब आर्थिक हालत में हैं. घर चलाने के लिए पेंटर का काम करता हैं. ये राज नहीं खुलता अगर एक महिला की इलाज के दौरान मौत नहीं होती.
एमपी के जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का खुलासा हुआ है। डॉक्टर ने अपने पेंटर दोस्त की डिग्री पर जबलपुर स्थित सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया। एमबीबीएस की पूरी पढ़ाई आरोपी डॉक्टर ने अपने पेंटर दोस्त के नाम पर ही की है। साथ ही जबलपुर में अस्पताल खोल लिया और पेंटर का नाम डॉक्टर के रूप में दर्ज था।
डाक्टर का असल नाम सतेंद्र हैं. डाक्टर ने ये नाम छूपाकर रखा. दोस्त के शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल पढाई के लिए एडमिशन मिला तो उसी के नाम पर पहचाना जाने लगा. जबलपुर के मार्बल अस्पताल में बतौर डाक्टर अपनी सेवा देता था. यहां इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद पोल खुलकर बाहर आ गई. दोस्त पेंटर बृजराज सिंह उईके भी अब सामने आया है और अपने दोस्त की पूरी हकीकत लोगों के सामने रखी है। दोनों दोस्तों ने 12वीं तक की पढाई कटनी में साथ में की हैं. दोस्ती के चलते बृजराज की 10वीं, 12वीं के रिजल्ट और जाति प्रमाण पत्र का सत्येंद्र ने इस्तेमाल किया और मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की पढाई के लिए एडमिशन ले लिया. सत्येन्द्र आज डाक्टर बन गया, लेकिन जिसके नाम पर ये डिग्री ली वो दोस्त घर चलाने के लिए पेंटर का काम करता हैं. सत्येंद्र ने भी उसकी कोई मदद कभी नहीं की, केवल उसके नाम का उपयोग किया.

You may also like