Friday, October 9th, 2026 | 6:01 PM

अजमेर शरीफ उर्स… जायरीनों को सालभर जन्नती दरवाजे के खुलने का रहता इंतजार… उर्स में छह दिन के लिए खुलेगा..

by Amjad Shaikh


प्रदेशवार्ता . ख्वाजा गरीब नवाज का उर्स एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगा. देश. दुनिया के जायरीन उर्स में पहुंचेंगे. उर्स के मौके पर छह दिन के लिए जन्नती दरवाजा खोला जाएगा. ख्वाजा गरीब नवाज इबादत के लिए इसी रास्ते को काम में लेते थे. जायरीन इस दरवाजे से गुजकर अपनी दुआएं और मन्नते ख्वाजा गरीब नवाज के सामने रखते हैं. कोई निराश भी नहीं होता ख्वाजा की दुआओं से सभी की मुरादों की झोली भर जाती हैं. दरगाह के जन्नती दरवाजे से होकर पवित्र मजार तक जाने के लिए जायरीन उत्सुक रहते हैं. जन्नती दरवाजा खुलने का और बंद होने का भी एक निश्चित समय हैं. ख्वाजा साहब के उर्स में रजब माह की चांद रात को तडके चार बजे से 6 रजब तक छह दिन तक खुला रहेगा. इसके बाद रमजान माह की ईद को सुबह पांच बजे से लेकर डेढ बजे तक खोला जाता हैं. ख्वाजा साहब के पीरो मुर्शीद(गुरू) हजरत उस्मान हारूनी के उर्स के मौके पर भी सुबह पांच बजे खुलकर डेढ बजे बंद किया जाता है. मन्नत पूरी होने पर मन्नत का धागा खोलने और शुक्राना अदा करने भी अकीदतमंद यहां आते हैं. उर्स की परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता हैं.
28 दिसंबर को चढेगा झंडा…शुरू होगी उर्स की रसूमात.. सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स की अनौपचारिक रूप से शुरुआत 28 दिसंबर को झंडा चढाने के साथ होगी. इसी दिन सुबह आस्ताना शरीफ खोलने के साथ ही उर्स की रसूमात शुरू होगी. रजब का चांद 1 या 2 जनवरी को दिखेगा. दिन में 3 बजे होने वाली मजार शरीफ की खिदमत उर्स के दौरान बंद हो जाएगी. यह खिदमत रजब की 5 तारीख तक मगरिब की नमाज के बाद याने रात को होगी. 31 दिसंबर को मजार शरीफ से संदल उतारा जाएगा. चांद रात को अलसुबह 4 बजे जन्नती दरवाजा खोला जाएगा. शाम को बाबा कुतुब से आने वाली छडियों का इस्तकबाल किया जाएगा. रजब का चांद दिखने के साथ ही उर्स की विधिवत शुरुआत हो जाएगी. उर्स के दौरान 6 रजब को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक जायरीन के लिए आस्ताना बंद रहेगा. केवल खुद्दाम ए ख्वाजा ही आस्ताना में रहेंगे. इस मौके पर देश, दुनिया और इंसानियत के लिए दुआ की जाएगी. गरीब नवाज का शिजरा और फरियाद पढी जाएगी. सलातो सलाम होगा. खुद्दाम आपस में दस्तारबंदी करेंगे. छठी की खास फातिहा में जायरीन शामिल होंगे. यह फातिहा सुबह 10 से लेकर दोपहर 12 बजे तक होगी. बडे कुल की रस्म 9 जनवरी को अदा की जाएगी. खुद्दाम ए ख्वाजा मजार शरीफ को गुस्ल देंगे और दुआ करेंगे. 10 या 11 जनवरी को उर्स का समापन होगा.

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