प्रदेशवार्ता। डाक्टर पत्नी ड्यूटी पर नहीं थी तो पति ने ही काम संभाल लिया. निजी अस्पताल चलाते हुए डाक्टर को जब लोगों ने सरकारी अस्पताल में देखा तो पूछा भी कि क्या नौकरी लग गई…? मामले का खुलासा होने के बाद बीएमओ ने महिला डाक्टर पर कार्रवाई की बात की है.
मरीज गोविंद इलाज करवाने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे थे. बुधवार शाम की ओपीडी में उन्हें पुरूष डाक्टर मिला. मरीज ने ध्यान नहीं दिया और अस्पताल के रूटिन डॉक्टर समझकर अपनी बीमारी बताई, डाक्टर ने मरीज को दवाई का पर्चा लिख दिया, पर्ची में उन्होंने पत्नी डॉ. शीरीन अली की सील लगाते हुए हस्ताक्षर किए। इस पर मरीज असमंजस में पड गया. मरीज का प्रश्न था कि जब महिला डॉक्टर यहां नहीं है तो उनके नाम की सील कैसे लगाई जा सकती है। इलाज के लिए आई एक अन्य महिला कृतिका ने भी इसी प्रकार का मामला देखा. दरअसल निजी क्लीनिक का संचालन करने वाले डॉ. मोहम्मद मुमताज आलम मरीजों का सरकारी अस्पताल में इलाज कर रहे थे। एक पर्ची में तो उन्होंने अपने नाम की सील भी लगाई है। मामले ने तूल पकडा तो डॉक्टर आलम ने सफाई देते हुए बताया की मैडम दुर्घटना का केस देखने गई है, इसलिए मैं उपचार कर रहा हूं। दावा किया की बीएमओ को भी इसकी जानकारी है। इधर डाक्टर के दावे के विपरीत
बीएमओ डॉ. शैलेंद्र औरैया ने बताया की जैसे ही मामला मेरे संज्ञान में आया तभी मैंने कार्रवाई करते हुए तत्काल इलाज रोकने को कहा है। डॉक्टर शीरीन अली को शोकाज नोटिस दिया जाएगा।
